पुणे में तकनीकी क्रांति का केंद्र बनेगा ब्रिक्स

भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पुणे एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। दूरसंचार विभाग 17 से 21 अगस्त 2026 तक 'एक लचीले भविष्य के लिए नवाचार, सहयोग और परिवर्तन (आईसीटी)' विषय पर ब्रिक्स आईसीटी ट्रैक का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन डिजिटल दुनिया में वैश्विक सहयोग के नए आयाम तय करेगा।

पांच दिनों का मेगा इवेंट: तीन प्रमुख पड़ाव

यह पांच दिवसीय कार्यक्रम ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाएगा। आयोजन के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:

  • ब्रिक्स आईसीटी कार्य समूह की 7वीं बैठक (17-19 अगस्त): इसमें कनेक्टिविटी, डिजिटल स्किल डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा होगी।
  • डिजिटल ब्रिक्स फोरम और एक्सपो (20 अगस्त): यह दिन उभरती हुई डिजिटल प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए समर्पित होगा।
  • ब्रिक्स संचार मंत्रियों की 12वीं बैठक (21 अगस्त): केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया इस बैठक का नेतृत्व करेंगे, जहाँ डिजिटल भविष्य की नीतियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

क्यों महत्वपूर्ण है भारत की यह पहल?

पुणे में आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम न केवल भारत की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर समावेशी और सुरक्षित डिजिटल विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं। साइबर सुरक्षा, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर जोर देकर भारत एक जिम्मेदार डिजिटल नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।